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All men must die | संसार का सुख कब तक |


आपने नई उम्र में क्यों साधुवेश लिया?


मेरी जब नयी उम्र थी, तब घर-बार छोड़कर साधुरूप धारण कर लिया था। 

लोगों ने मुझसे पूछा कि आपने नई उम्र में क्यों साधुवेश लिया? 

मैंने कहा- 'मैं अंग्रेजी में पढ़ता था। उसमें प्यारी चरण मुखर्जी की लिखी हुई एक पुस्तक थी, जिसका नाम था- First Book of Reading. आरम्भिक अंग्रेजी शिक्षा के देने के लिए यह एक किताब थी। उसमें लिखा था- 'All men must die.' 

इसी वाक्य ने अंकुश का काम मेरे लिए किया। जैसे अंकुश की मार से हाथी सचेत हो जाता है, उसी तरह मैं भी सचेत हो गया। संसार का सुख तबतक है, जबतक मृत्यु नहीं हुई है। महर्षि मेँहीँ परमहंस 

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